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उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराकर गांव गांव में वायरस फैलाने के जिम्मेदार है मुख्यमंत्री- नीलम यादव

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संतकबीरनगर/28अप्रैल त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने से इंकार कर रहे कर्मचारियों पर उत्तर प्रदेश सरकार ने दबाव डालकर उन्हें मजबूर किया जिसका नतीजा शिक्षक, शिक्षामित्र एवं अनुदेशकों कुल 135 लोगों ने अपनी जान गवा दी.
उक्त बातें आम आदमी पार्टी(महिला शाखा) उत्तर प्रदेश की अध्यक्ष श्रीमती नीलम यादव ने आज जारी एक बयान में कहा।
उन्होंने आगे कहा कि आज उत्तर प्रदेश में एक-एक सांस के लिए लोग मोहताज है ऑक्सीजन न मिलने के अभाव में तड़प तड़प के लोग मर रहे हैं. गांव गांव में चुनाव के चलते संक्रमण फैल चुका है हरगांव से मृत की खबरें आ रही है.
सरकार के तानाशाही रवैया, फर्जी आंकड़े और अकड़ दिखाने के कारण यह सारी घटनाएं घट रही है इसका जवाब आदित्यनाथ को देना पड़ेगा।
श्रीमती नीलम यादव ने सरकार से मांग किया है जिस शिक्षक, शिक्षा मित्र और अनुदेशक जो ड्यूटी के दौरान संक्रमण से अपनी जान गवा चुके हैं उनके परिवार को एक एक करोड़ रुपए का मुआवजा एवं उनके घर के एक व्यक्ति को नौकरी तथा शेष लोगों को इलाज फ्री करने की व्यवस्था किया जाए।
इतना ही नहीं श्रीमती नीलम यादव ने चुनाव आयोग पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि चुनाव आयोग बेशर्म और घटिया रवैया अपना रहा है एक बयान चुनाव आयोग का है कि कोरोना संक्रमित लोग कीट पहनकर वोट दे सकते हैं यह गैर जिम्मेदाराना बयान है.इस बयान पर योगी सरकार की चुप्पी साध लेना दोनों की मिली भगत है। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट को इसका संज्ञान लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और चुनाव आयोग के होने की औचित्य पूछना चाहिए ।
सरकार की निरलज्जता इसी बात से साबित हो जाती है कि स्कूलों और कालेजों को कोविड-19 का गाइडलाइन के तहत बंद कर दिया जाता है और त्रिस्तरीय पंचायत के चुनाव को कराया जाता है।
श्रीमती नीलम यादव ने राष्ट्रपति महोदय से अनुरोध किया है कि उत्तर प्रदेश में अफरा-तफरी की हालत है. ऐसी हालत में राष्ट्रपति शासन लगा कर सेना के हवाले किया जाय और यहां के लोगों का जीवन, जानमाल की रक्षा किया जाए।